Career Centre 2026 | रोजगार कार्यालय अब करियर सेंटर बन सकेंगे, रोजगार की सूचना-निगरानी को लेकर किए गए अहम प्रावधान

Career Centre 2026 | रोजगार कार्यालय अब करियर सेंटर बन सकेंगे, रोजगार की सूचना-निगरानी को लेकर किए गए अहम प्रावधान
नई दिल्ली : केंद्र और राज्य सरकारें अब करियर सेंटर की स्थापना, संचालन और रख-रखाव कर सकेंगी। सरकार चाहें तो मौजूदा रोजगार कार्यालयों को ही करियर सेंटर में बदल सकती हैं या किसी डिजिटल पोर्टल को करियर सेंटर के रूप में घोषित कर सकती हैं। सरकार किसी संस्था, स्थानीय निकाय या निजी संस्था के साथ समझौता कर करियर सेंटर चला सकती है। सामाजिक सुरक्षा संहिता (केंद्रीय) नियम 2025 के मौसदे में रोजगार की सूचना और निगरानी को लेकर अहम प्रावधान किया है।



हाल में ही केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की तरफ से मसौदा जारी किया गया है, जिसमें रोजगार और निगरानी के लेकर भी प्रावधान किए गए हैं। इस प्रावधान के तहत दो तरह के करियर केंद्र बनाए जाएंगे। एक केंद्रीय होगा और दूसरा क्षेत्रीय होगा। राज्य और केंद्र स्तर पर अधिकारी करियर सेंटरों की निगरानी करेंगे। सरकार का मानना है कि इन नियमों से नौकरी की जानकारी को पारदर्शिता आएगी। इस रोजगार पाने वाले कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित हो पाएगी। इसके साथ ही, नौकरियों जुड़े डिजिटल सिस्टम को मजबूत किया जा सकेगा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

नियोक्ता को वार्षिक रिपोर्ट देना जरूरी
मसौदे के मुताबिक हर नियोक्ता को रोजगार सूचना वार्षिक रिटर्न तय फॉर्म में 31 मार्च तक जमा करनी होगी, जिसमें बताना होगा कि किस श्रेणी में कितने कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है और उन्हें उस पद पर किस स्तर का वेतनमान दिया जा रहा है।

हर खाली पद का एक यूनिक नंबर होगा
तय मसौदे के हिसाब से सरकारी क्षेत्र के सभी संस्थानों को किसी भी पद पर भर्ती से पहले उसकी जानकारी तय करियर सेंटर को देनी होगी। वहीं, निजी क्षेत्र के वह संस्थान, जहां 50 या उससे अधिक कर्मचारी हैं, उन्हें भी भर्ती से पहले रिक्तियों की सूचना देनी होगी। इसके लिए डिजिटल सिस्टम बनेगा और हर रिक्ति को एक यूनिक नंबर दिया जाएगा। सेंटर की जिम्मेदारी होगी कि नियोक्ताओं और नौकरी चाहने वालों की जानकारी जुटाए, खाली पदों का रिकॉर्ड रखे।

तय समय के अंदर करनी होगी पुष्टि
मसौदे के हिसाब से रिक्त पदों से लेकर भर्ती की स्थिति में नियोक्ताओं के लिए पुष्टि करना अनिवार्य होगा। पूर्वोत्तर राज्यों में सात कार्यदिवस और अन्य राज्यों में तीन कार्यदिवस के भीतर रिक्ति की पुष्टि की जाएगी। इसके साथ ही, चयन के बाद भी सूचना देना अनिवार्य होगा।

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