सितंबर 07, 2022

UPPSC : पीसीएस प्री-2021 में आयोग की अपील पर हाईकोर्ट का फैसला सुरक्षित

UPPSC : पीसीएस प्री-2021 में आयोग की अपील पर हाईकोर्ट का फैसला सुरक्षित

UPPSC PCS Pre Exam 2021: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पीसीएस प्री-2021 का परीक्षा परिणाम रद्द किए जाने के मामले में दाखिल लोक सेवा आयोग और राज्य सरकार की विशेष अपील पर मंगलवार को अपना निर्णय सुरक्षित कर लिया। यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति राजेश बिंदल एवं न्यायमूर्ति जेजे मुनीर की खंडपीठ ने दिया है। लोक सेवा आयोग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश पांडे और राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता अजय मिश्र ने बहस की।




एकल न्याय पीठ ने पूर्व सैनिकों को आरक्षण न देने पर रद्द किया परिणाम
एकल पीठ ने पूर्व सैनिकों को निर्धारित आरक्षण न दिए जाने के कारण प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम रद्द करते हुए पूर्व सैनिकों को आरक्षण का लाभ देते हुए संसोधित परिणाम जारी करने का आदेश दिया था। एकल पीठ का मानना था कि ग्रुप बी के पदों पर पूर्व सैनिकों को आरक्षण देने की अधिसूचना 10 मार्च 2021 को जारी हो गई थी और जारी होने की तिथि से ही लागू हो गई। पीसीएस के आवेदन के लिए 17 मार्च तक पोर्टल खुला था। यदि आयोग और सरकार की मंशा आरक्षण देने की होती तो इस अवधि में अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ दिया जा सकता था लेकिन ऐसा नहीं किया गया।


आयोग के अधिवक्ता की दलील थी की सिर्फ दो अभ्यर्थियों के लिए पूरा परिणाम रद्द कर दिया गया। पीसीएस प्री का आवेदन करने की अंतिम तिथि 10 मार्च 2021 थी। बाद में 17 मार्च तक पोर्टल सिर्फ उन अभ्यर्थियों के लिए खोला गया, जिन्होंने अपने आवेदन में कोई गलती कर दी थी। उन्हें त्रुटि सुधारने का मौका दिया गया था। पोर्टल किसी नए आवेदन के लिए नहीं खोला गया था। याची के अधिवक्ता ने कहा कि परिणाम पूरा रद्द नहीं हुआ है क्योंकि आयोग ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी साक्षात्कार लिया है। याची के अधिवक्ता की यह भी दलील थी कि चयन प्रक्रिया मुख्य परीक्षा के तिथि से शुरू मानी जाएगी। मुख्य परीक्षा का आयोजन 23 मार्च 2022 से शुरू हुआ। उधर, आयोग के समर्थन में महाधिवक्ता अजय मिश्र ने कहा कि सरकार आयोग के तर्कों का समर्थन करती है। सिर्फ चार अभ्यर्थियों के लिए पूरा परिणाम रद्द करना उचित नहीं है। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि मुद्दा अभ्यर्थियों की संख्या नहीं है, बल्कि सैद्धांतिक रूप से सही या गलत होने का है। दोनों पक्ष की ओर से अन्य तकनीकी मुद्दे भी उठाए गए, जिन पर सुनवाई के बाद खंडपीठ ने निर्णय सुरक्षित कर लिया।

गौरतलब है कि एकल पीठ ने भर्ती प्रक्रिया में पूर्व सैनिकों का पांच फीसदी आरक्षण न देने पर पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा 2021 का परिणाम रद्द कर दिया था। साथ ही कहा था कि आयोग पूर्व सैनिकों को पांच फीसदी आरक्षण देते हुए नए सिरे से प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी करे। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने एकल पीठ के इस आदेश को अपील के माध्यम से चुनौती दी है। लोक सेवा आयोग पीसीएस-2021 के लिए गत पांच अगस्त को साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी कर चुका है।

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